वॉटर मॅन ऑफ इंडिया डॉ राजेंद्र सिंह जी के हस्ते किसान जागृति शिविर में ‘‘तालाब का पुरुद्धार एवं वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट साइट 2 ग्रे वाटर ट्रीटमेंट साईट, 1 तालाब और 7 जल टांकों का लोकार्पण
वॉटर मॅन ऑफ इंडिया डॉ राजेंद्र सिंह जी के हस्ते किसान जागृति शिविर में ‘‘तालाब का पुरुद्धार एवं वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट साइट 2 ग्रे वाटर ट्रीटमेंट साईट, 1 तालाब और 7 जल टांकों का लोकार्पण
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दिनांक 25 जून 2025 को Tarun Bharat Sangh द्वारा M3M Foundation के आर्थिक सहयोग से ग्राम छारोड़ा, तावडू में ‘किसान जागृति शिविर’ का आयोजन किया गया। इस शिविर में तभासं के अध्यक्ष जलपुरुष राजेन्द्र सिंह, तावडू के एसडीएम श्री जितेन्द्र गर्ग, वाल्मी धारवाड़ कर्नाटक के पूर्व निदेशक डॉ राजेन्द्र पोद्यार, कर्नाटक काड़ा से नागेश, एम3एम फाउंडेशन से आशीष जी, नेहा शर्मा, अर्पिता, दिल्ली से रमेशचंद शर्मा और आस-पास गांवों के सैकडों लोग शामिल हुई।
यहां सबसे पहले छारोड़ा गांव में तभासं द्वारा नए प्रयोग के तौर पर एम3एम फाउंडेशन की आर्थिक मदद से बनाए गए ‘‘तालाब का पुरुद्धार एवं वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट साइट(बड़े नाले के पास)’’ व 2 ग्रे वाटर ट्रीटमेंट साईट, 1 तालाब और 7 जल टांकों का लोकार्पण तभासं के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह और तावडू के एसडीएम श्री जितेन्द्र गर्ग ने किया। इस अवसर पर जलपुरुष राजेन्द्र सिंह ने कहा कि, यह जल परिशोधन का कार्य, गंदे जल को शुद्ध जल बनाने की प्रक्रिया में बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। यह कार्य भारत के हर गांव में किया जा सकता है। यह कार्य बिना बिजली व मशीन का उपयोग किए बिना संभव है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है।
दिल्ली से आए रमेशचंद शर्मा ने कहा कि, छारोड़ा के जल शोधन कार्य विकेन्द्रीकरण का बहुत ही सार्थक प्रयास है। इसे खुली आंखों से देखा-समझा जा सकता है। यह पानी की शुद्धता कार्य का मॉडल भारत के सभी गांवों में होना चाहिए। क्योंकि, इससे गांव के गंदे पानी की सफाई शुरू हो जायेगी। इस तरह के कार्य बहुत तेजी से बढ़ना चाहिए। तभासं में जल संशोधन का यह नया अध्याय आरंभ हुआ है। इस कार्य में प्रकृति और वनस्पति के आधार पर लगातार प्रगति भी की जा सकती है, जिससे लोगों में आत्मविश्वास और प्रकृति में हरियाली बढ़ेगी।
डॉ राजेन्द्र पोद्यार ने कहा कि, तभासं और एम3एम द्वारा तावडू क्षेत्र में किए जा रहे जल परिशोधन और जल संरक्षण जैसे कार्यों को पूरे देश में करने की आवश्यकता है। भारत सरकार को यह जल परिशोधन का मॉडल सभी पंचायतों में लागू करना चाहिए।
‘‘तालाब का पुरुद्धार एवं वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट साइट(बड़े नाले के पास)’’ का लोकार्पण करने के बाद शिविर का शुभारंभ करते हुए रमेश शर्मा के ‘नदियां धीरे-धीरे बहो गीत ’से किया गया। यहां किसानों को संबोधित करते जलपुरुष ने कहा कि, तभासं ने चंबल क्षेत्र की 23 नदियों को पुनर्जीवित करके, बागियों को पानी के काम में लगाया है। जल से हिंसा को अहिंसक अर्थतंत्र में बदला है। इसलिए इस तावडू क्षेत्र के राज, समाज और महाजन को साथ मिलकर जल संरक्षण के कार्य में पूर्ण सम्पर्ण से करना चाहिए। जिससे तावडू भी पानीदार बन सकेगा।
तावूडू के एसडीएम जितेन्द्र गर्ग ने कहा कि, आज के इस आधुनिकरण में हमे अपने जल, वायु, पूरी प्रकृति के संरक्षण हेतु आगे आना चाहिए। तावडू में तभासं और एम3एम द्वारा जो जल संरक्षण और जल परिशोधन का कार्य किया जा रहा है, उसमें प्रशासन भी सहयोग करेगी।
राहुल सिसोदिया ने छारोड़ के लोगों से अपील करी कि, अपनी जल संरचनाओं में गंदगी ना फैलाएं, जल संरक्षण सभी का अपना कार्य है, इसलिए इसमें पूरा सहयोग दें।
यहां उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि, हमारे गांवों में जल टांकों के निर्माण और जल संचनाओं से हमारा जीवन समृद्ध होने लगा है। इस तरह के कार्यों की इस क्षेत्र में बहुत जरूरत है।
इस अवसर पर वाल्मी धारवाड़, कर्नाटक के पूर्व निदेशक प्रो राजेन्द्र पोद्यार को नदी नायक सम्मान से जलपुरुष राजेन्द्र सिंह जी ने सम्मानित किया। इसके अलावा छारोड़ा सरपंच प्रतिनिधि मुबारिक, चुंधिका सरपंच प्रतिनिधि साहिद, और जल टांका बनवाने व मदद करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर तभासं के छोटे लाल मीणा, राहुल सिसोदिया, पूजा भाटी, सरोज सैनी, मंसूरअली,अजरूदीन, घनश्याम, दीप्ती, छारोड़ा सरपंच आदि उपस्थित रहे।
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